आरसीएफ में, मानव संसाधन प्रबंधन को, निगमित दृष्टि और उद्देश्यों के साथ सक्रियता से जोडा हुआ है । आरसीएफ का मानव संसाधन दृष्टिकोण कर्मचारी के संपूर्ण विकास को ध्यान में लेता है । कारोबार और ग्राहक संतुष्टि, प्रबंधन की गुणवत्ता, नयी सोच, में ऊँचाइयाँ हासिल करते समय, कर्मचारी प्रतिभा को और सामाजिक उत्तरदायित्व को, प्रभावी प्रचालन, लागत बचत और उत्पाद दर्जा के समान ही महत्व दिया जाता है । डिज़ाइन, इन्फ़्रास्ट्रक्चर और निरंतरता के मायनेे में एचआरएम उप-प्रणालियाँ अच्छी तरह से सुगठित हो गयी हैं ।
दूर दृष्टि और नयी सोच
आज के गतिशील संगठन के संदर्भ में, दूरदृष्टि रखना यह एक संगठन को ऊँचाई पर ले जाने के साधनों में महत्वपूर्ण साधन है । आरसीएफ को शॉप-फ्लोअर और फ्रंटलाइन कार्यपालकों से लेकर संगठन के नीति-निर्माता वरिष्ठों तक सभी स्तरों पर कार्यपालक नियुक्त किये हैं । जो दृष्टिकोणों को फलद्रुप बनाने और कारोबार की बढोतरी म ेंकल्पना विकसित करने में सक्रिय रहते हैं ।
संगठन की रचना/पुनर्रचना
संगठन की रचना में, अकार्यक्षमता और विलंब के कारण असंतुलन न आ जाए इस बात की ओर सजगता से देखते हुए, निरंतर उचित स्तर और स्थानों की समीक्षा और रिवैंपिंग किया जाता है । पुनर्निर्माण/पुनर्रचना के लिए आंतरिक समीक्षा समय समय पर की जाती है और संतुलित और कार्यक्षम रचना के लिए कभी कभी बाहरी विशेषज्ञ नियुक्त किये जाते हैं ।
प्रणाली विकास और परिवर्तन का स्वीकार
संगठन में प्रणालीयों के विकास और कार्यान्वयन में एचआरएम की बहुत ही महत्वपर्ण भूमिका है । संगठन में परिवर्तन को स्वीकारनेे के लिए यह शक्तिशाली कैटलिस्ट हो सकता है । आरसीएफ नेे अपनेे सभी महत्वपूर्ण क्षेेत्रों में नेटवर्किंग के जरिए एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (इआरपी) का उपयोग किया है, जिससे मानवी प्रशासनिक कार्य बहुत ही कम होगा ।
उत्तराधिकार और कैरियर योजना
किसी भी सगठन के लिए उत्तराधिकार योजना कार्यान्वित करना स्वास्थ्यकारक रहता है, क्योंकि इससे महत्वपूर्ण पदों पर भावी नेताओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाती है और समन्वय प्रभावी रहता है । इससे व्यक्तियों के सृजनशील विकास से व्यक्ति संगठन के भीतर, मध्यम और उच्च प्रबंधन स्तर पर काम करने के लिए योग्य हो जाता है । आरसीएफ अपनेे नेतृत्व को अवसर पर नहीं छोडती । संगठन में उच्च 3-4 स्तरों के लिए विशिष्ट उत्तराधिकार योजना बनायी गयी है और कार्यान्वयन के लिए नियमित अंतराल से उसकी समीक्षा की जाती है ।
कर्मचारी विकास
जो संगठन कर्मचारियों के विकास को समर्थन देती है, वे प्रतिभाशाली व्यक्तियों को रोक रखने में, समर्थ हो जाते हैं, खासकर इस क्षेत्र में पुरानी सुनिश्चित नौकरी के स्थान पर, सेवायोजन क्षमता (कार्यक्षमता) को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है । आरसीएफ में, निम्न मानव संसाधन विकास उप-प्रणालियों को अच्छी तरह से स्थापित किया गया है :-
प्रशिक्षण और विकास
प्रशिक्षण और विकास गतिविधियों में, क्रमबद्ध रुप से ऊपर से नीचे तक सभी स्तरों के लिए निरंतर रुप से कार्यक्रमों को डिज़ाइन किया जाता है । प्रबंधकों और कामगारों सहित, सभी स्तरों के लिए, मॉड्युलर प्रशिक्षण संकल्पना को लागू किया गया है, विभिन कर्मचारी स्तर पर समान इनपुट का प्रावधान किया गया है, जिससे संगठनाात्मक कार्यनिष्पादन, मनुष्यबल की समग्र्र गुणवत्ता और संगठन की संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है ।
कर्मचारी सहभाग और वचनबद्धता
विभिन स्तरों पर कर्मचारी सहभाग को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयास किये जाते हैं, जिसके परिणामस्वरुप, आरसीएफ में वचनबद्ध कर्मचारियों की संख्या बढी है । उदा. गुण विकास मण्डल, सुझाव योजना, टीक्यूएम, पाँच-एस, सर्वोतकृष्ट कर्मचारी पुरस्कार
कार्यनिष्पादन से जुडी पूर्ण लब्धियाँ (लाभ में हिस्सा)
अच्छे कर्मचारी को रोकना ।
कर्मचारियों के लिए समुपदेशन सेवाएँ ।
मनुष्यबल ऑडिट (सही आकार/रिडिप्लॉयमेंट/पुन:प्रशिक्षण की जरुरतें/भर्ती)
स्पर्धात्मक वातावरण में, विश्वभर में सभी संगठनों को अपनी रचना और मनुष्यबल ताकत की समीक्षा करना जरुरी हो गया है । आरसीएफ प्रणालीबद्ध तरीके से अपनी संतुलित और प्रभावी रचना को कायम रखने की दृष्टि से पुनर्गठन की जरुरत की आवधिक आंतरिक समीक्षा करती है । मनुष्यबल की छँटनी करने के बजाय, मनुष्यबल रिडिप्लॉयमेंट और पुन:प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी गयी है ।
विभिन विभागों में मनुष्यबल आवंटन की वर्तमान स्थिति का अध्ययन ।
विभिन विभागों में इष्टतम मनुष्यबल का विश्लेष्णात्मक अध्ययन ।
रिडिप्लॉयमेंट योग्य मनुष्यबल की पहचान कराना ।
रिडिप्लॉयमेंट केलिए पहचाने गये कर्मचारियों के लिए पुन:प्रशिक्षण योजना ।
रिडिप्लॉयमेंट न करने योग्य कर्मचारियों के लिए विकास योजना (स्वेच्छा निवृत्ति योजना इ.)
मानव संसाधन सेवाओं का व्यापारीकरण
दूसरों के साथ आपसी लाभ के नेटवर्किंंग में आरसीएफ विश्वास रखती है और अन्य सगाठनों को आनुषंगिक सुविधाएँ, स्ंाकाय विशेषज्ञ और संसाधनों की सेवा का प्रस्ताव देती है । आवश्यकता के आधार पर, मानव संसाधनों का डिज़ाइनिंग, विकास और कार्यान्व्यन करना यह हमारी ताकत है ।
माव संसाधन विकास विभाग के महत्वपर्ण व्यक्तियों क नाम, पदनाम, संपर्ण दूरभाष क्रमांक नीचे दिए हैं :-
| अनुक्र. | नाम | पदनाम | दूरभाष क्रमांक (कार्यालय) |
| 1 | श्री किरण फडनीस | कार्यपालक निदेशक(मा.सं)) | 022-24045034 |
| 2 | श्री हेमंत कुलकर्णी | मुख्य प्रबंधक (मा.सं) | 022-25522323 |
| 3 | श्री आर.एम. केकान | मुख्य प्रबंधक (मा.सं)
(थळ इकाई) |
02141-238012 |
| 4 | सुश्री डॉ. नयना मेंधी | मुख्य प्रबंधक (मा.सं) | 022-25522311 |


